डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) को लागू किया है। दोनों की हिरासत बढ़ाए जाने के लिए ये एक्ट लागू किया गया है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के कुछ प्रावधानों को सस्पेंड किए जाने के बाद, सुरक्षा की दृष्टि से 5 अगस्त को इन्हें हिरासत में लिया गया था। उमर के पिता और सांसद फारूक अब्दुल्ला पहले से ही PSA के तहत हिरासत में हैं। बता दें कि PSA ऐसा कठोर कानून है जो तीन महीने तक बिना सुनवाई के हिरासत में रखने की अनुमति देता है
सागर और मदनी पर भी PSA
प्रशासन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के महासचिव अली मोहम्मद सागर और PDP नेता सरताज मदनी के खिलाफ भी PSA लागू किया है। सूत्रों ने कहा कि नौकरशाह से नेता बने शाह फैसल को भी PSA के तहत हिरासत में लिए जाने की संभावना है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों पूर्व मुख्यमंत्री, सागर और मदनी पर PSA लगाया गया है। अधिकारी ने कहा, 'लेकिन हमें मुफ्ती और उमर के खिलाफ वारंट नहीं मिला है क्योंकि वे एसएसजी (स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप) के तहत आते हैं।' सूत्रों ने कहा कि सरकार ने पूर्व सीएम पर PSA लगाने का फैसला इसलिए किया गया क्योंकि वह उन्हें लंबे समय तक नजरबंद रही रख सकते थे।
क्या है पब्लिक सेफ्टी एक्ट?
1990 के दशक की शुरुआत में जब राज्य में उग्रवाद भड़का तो पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) लाया गया था। PSA के तहत हिरासत की एक आधिकारिक समिति समय समय पर समीक्षा करती है और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। PSA सरकार को 18 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को तीन महीने तक बिना मुकदमा चलाए रखने की अनुमति देता है। 2011 से पहले 16 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति पर PSA लगाया जा सकता था।
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