डिजिटल डेस्क, कोकराझार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बोडो समझौते(Bodo Agreement) को लेकर कोकराझार(Kokrajhar) में होने वाले समारोह में शिरकत करेंगे। इस मौके पर पीएम मोदी लोगों को संबोधित करेंगे। सीएए(CAA) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद यह मोदी का पहला पूर्वोत्तर दौरा है। बता दें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह(Amit Shah) की मौजूदगी में 27 जनवरी 2020 को दिल्ली में बोडो समस्या के समाधान के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
बोडो समझौते के मुख्य बिंदु:
- इस समझौते के अनुसार बोडोलैंड क्षेत्र के 7 जिले होंगे।
- बोडो हिंसक समूहों के सदस्य विकास और शांति के लिए हथियार छोड़ेंगे।
- केंद्र और राज्य सरकार बोडो क्षेत्रों के विकास से लिए 1500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज जारी करेगी।
- बोडो आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा।
- बोडो बाहुल्य क्षेत्र के विकास के लिए संविधान की छठी अनुसूची धारा 14 के तहत एक आयोग का गठन किया जाएगा।
- बोडो गावों के विकास के लिए बोडो कचारी कल्याण परिषद की स्थापना की जाएगी।
- बोडो लोगों की पहचान, भाषा, शिक्षा और भूमि अधिकार से जुड्डे समस्याओं को हल किया जाएगा।
- बोडो भाषा को राज्य में सहयोगी आधिकारिक भाषा के रूप में अधिसूचित किया जाएगा।
- बोडो स्कूलों के लिए अलग से निदेशालय की स्थापना की जाएगी।
Delhi: चुनाव से ठीक पहले डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का OSD रिश्वत लेते गिरफ्तार
कौन है बोडो जनजाति?
बोडो जनजाति ब्रह्मपुत्र घाटी के उत्तरी हिस्से में बसी असम की सबसे बड़ी जनजाति है। बोडो समुदाय के लोग असम के मूल निवासी है। राज्य की कुल आबादी में इस समुदाय की हिस्सेदारी 7 प्रतिशत से अधिक है। असम राज्य में उत्तर में स्थित चार जिलों कोकराझार, बक्सा, उदलगुरी और चिरंगा को मिलाकर बोडो प्रादेशिक क्षेत्र जिला (Bodo Territorial Area District- BTAD) का गठन किया गया है।
बोडोलैंड विवाद:
- बोडो लोगों ने पहली बार साल 1966-67 में प्लेन्स ट्राइबल कौंसिल ऑफ असम (Plains Tribals Council of Assam-PTCA) नामक संगठन के माध्यम से अलग राज्य की मांग की थी।
- साल 1987 में ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन (All Bodo Students Union- ABSU) ने बोडोलैंड की मांग तेज की और असम राज्य को दो बराबर हिस्सों में बांटने की मांग रखी।
- 1993 में ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन के साथ पहला बोडो समझौता हुआ।
- फरवरी 2003 में बोडो लिबरेशन टाइगर्स फोर्स के साथ दूसरा समझौता हुआ था।
- साल 2012 में बोडो मुस्लिम दंगों में कई लोगों की मौत हो गई।
- दिसंबर 2014 में अलगावादियों ने सोनितपुर और कोकराझार में 25 से अधिक लोगों की हत्या कर दी।
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/2S8Wq9f
.
No comments:
Post a Comment