Tuesday, September 1, 2020

ओलम्पियाड स्वर्ण के बाद खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ देखेगी सरकार : आनंद

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चेन्नई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व विश्व विजेता शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने सोमवार को कहा है कि भारत द्वारा फिडे ऑनलाइन ओलम्पियाड में जीते गए स्वर्ण पदक का सरकार द्वारा खिलाड़ियों को देखने नजरिए में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारत को रूस के साथ इस टूर्नामेंट का संयुक्त विजेता घोषित किया गया।

आनंद ने साथ ही कहा कि भारतीय टीम दूसरे मैच में रिप्ले के लिए तैयार थी।

भारतीय टीम ने मीडिया के साथ ऑनलाइन बात की। इस दौरान आनंद ने कहा कि बीते कुछ साल में खेल मंत्रालय के शतरंज खिलाड़ियों के प्रति नजरिए में बदलाव आया है क्योंकि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट अच्छा करने के बाद भी अर्जुन अवार्ड और द्रोणाचार्य अवार्ड नहीं मिला है।

आनंद ने कहा कि स्थिति लंबे पत्र लिखने से नहीं बदलेगी बल्कि अच्छे परिणामों से बदलेगी- जैसे कि ऑनलाइन ओलम्पियाड में पदक जीतना।

ओलम्पियाड में पदक जीतने पर आनंद ने कहा कि इस पदक का सरकार का खिलाड़ियों के प्रति देखने का नजरिया बदलेगा।

भारत के निहाल सरीन और दिव्या देशमुख का मैच के दौरान नेट कनेक्शन खराब हो जाने के कारण मुकाबला बीच में ही छूट गया था।

आनंद ने कहा, हमने कुछ गलत नहीं किया। हम हर चीज के लिए तैयार थे। हम दो गेम खेलने को तैयार हैं और यहां तक की छह मैच, फिडे ने बड़ी पिक्चर देखी।

एकेयू/जेएनएस



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Government will look at players with positive thinking after Olympiad gold: Anand
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जमशेदपुर एफसी ने मिडफील्डर मोंटेरियो को अपने साथ जोड़ा

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जमशेदपुर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फ्रेंचाइजी जमशेदपुर एफसी ने एलेक्स नाम से मशहूर ब्राजील के मिडफील्डर एलेक्जेंडर मोंटेरियो डी लीमा के साथ करार किया है।

जमशेदपुर एफसी ने एलेक्स को 2020-21 सीजन के लिए अपने साथ जोड़ा है।

31 वर्षीय मिडफील्डर एलेक्स जमशेदपुर एफसी के साथ जुड़ने वाले चौथे विदेशी खिलाड़ी हैं। जमशेदपुर एफसी की टीम इससे पहले एटोर मोनरॉय, डेविड ग्रांडे और नेरिजुस वालस्किस के जैसे विदेशी खिलाड़ियों के साथ करार कर चुकी है।

ऐलक्स को एशिया में खेलने का अनुभव है। वह इससे पहले दक्षिण कोरिया कीके लीग 2 और वियतनाम की वी लीग 1 में विभिन्न टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर में अब तक 337 मैचों में 43 गोल और 23 असिस्ट किया है।

जमशेदपुर एफसी के कोच ओवेन कॉयले ने कहा, बतौर खिलाड़ी एलेक्स के पास कई क्षमताएं हैं। वह टीम-खिलाड़ी, आक्रामक, समझदार और ताकतवर हैं। मैं उनके लिए 100 विशेषणों का इस्तेमाल कर सकता हूं, फिर भी उनका वर्णन करना काफी नहीं होगा।

- -आईएएनएस

ईजेडए/जेएनएस



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Jamshedpur FC joins midfielder Monterio
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सलाह: गंभीर ने कहा, धोनी के पास IPL में CSK के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने का शानदार मौका

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाजी गौतम गंभीर का मानना है कि, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को IPL में टीम के लिए ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करनी चाहिए। गंभीर लंबे समय तक धोनी के साथ खेल चुके हैं। 2007 के टी-20 विश्व कप में मिली खिताबी जीत और 2011 विश्व कप में भी मिली खिताबी जीत के दौरान दोनों एक ही टीम का हिस्सा थे। दोनों मौकों पर धोनी टीम के कप्तान थे। कोरोनावायरस महामारी के कारण आईपीएल का 13वां सीजन इस बार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच होगा। 

धोनी के पास नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने का मौका
गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो पर कहा, यह धोनी के लिए शानदार मौका है कि, वह नंबर-3 पर आकर बल्लेबाजी करें। वह बीते एक साल से खेल से दूर रहे हैं, तो उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका मिलेगा और इसके बाद अपनी एंकर वाली पारी खेल सकते हैं जो वो भारत के लिए करते आए हैं। गंभीर ने कहा, इसलिए धोनी नंबर-3 पर और फिर उनके पास काफी गहराई है, केदार जाधव, ड्वायन ब्रावो, सैम कुरैन यह सभी हैं। इसलिए मुझे लगता है कि धोनी के लिए यह शानदार मौका है और मुझे पता है कि वह इसका फायदा उठाएंगे। साथ ही सुरश रैना नहीं हैं, आपके पास नंबर-3 पर कोई अनुभवी बल्लेबाज होना चाहिए।



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IPL-2020: Gautam Gambhir Said, MS Dhoni should bat at No 3 for Csk in IPL 13 in Suresh Raina’s absence
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चुनाव आयोग ने केरल कांग्रेस (एम) गुट को दी मान्यता

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तिरुअनंतपुरम, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। निर्वाचन आयोग ने के रल कांग्रेस-(एम) गुट को अलग राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दे दी है। इस गुट के नेता दिवंगत के. एम. मनि के बेटे जोस के. मनि हैं।

जोस के. मनि के दावों पर चुनाव आयोग ने फैसला करते हुए उनके गुट को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिया।

जोस के. मनि ने इस पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे सत्य की जीत बताया है।

जोस के. मनि ने कहा, ये के. एम. मनि की जीत है। हम पाला उपचुनाव इसलिए हार गए क्योंकि हमें चुनाव चिन्ह नहीं मिला था। हम जोसेफ के नेतृत्व वाले केरल कांग्रेस के विधायकों से इस्तीफा मांगेंगे।

उधर जोसेफ गुट ने कहा है कि वो चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

बता दें कि केरल कांग्रेस के जोसेफ गुट के पास तीन विधायक हैं जबकि जोस मनि गुट के पास दो।

एसकेपी



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Election Commission recognized Kerala Congress (M) faction
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स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के अधिकारी एलएसी पर बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद

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नई दिल्ली, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रेकी के दौरान एक बारूदी सुरंग विस्फोट में स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के एक अधिकारी शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा इलाके में सैनिक परीक्षण के दौरान हुआ।

उत्तराखंड से स्पेशल फ्रंटियर फोर्स की एक विशेष इकाई को पूर्वी लद्दाख में चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने और उन्हें नाकाम करने के लिए तैनात किया गया है। यह घटना पैंगोंग सो झील के दक्षिणी तट पर ब्लैक टॉप और ठाकुंग हाइट्स के बीच हुई जहां भारत ने चीनी घुसपैठ को नाकाम कर दिया था।

स्पेशल फ्रंटियर फोर्स, जो भारतीय खुफिया एजेंसियों के अधीन आता है, को सरकार द्वारा यह पाए जाने पर कि चीन इलाके में भारत के खिलाफ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, के बाद तैनात किया गया।

भारतीय सेना और साथ ही सरकार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

दो दिन पहले, भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर झड़प हुई थी, जहां चीनी करीब 450 सैनिक लेकर आए थे, लेकिन भारतीय सेना ने कहा कि यथास्थिति को बदलने के उनके प्रयास को नाकाम कर दिया गया।

सूत्रों ने कहा कि चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों ने रस्सियों और अन्य चढ़ाई उपकरणों की मदद से पैंगोंग सो के दक्षिण तट पर ब्लैक टॉप और ठाकुंग हाइट्स के बीच एक टेबल-टॉप एरिया पर चढ़ना शुरू कर दिया।

हल्ला-गुल्ला सुनकर भारतीय सेना सतर्क हो गई और कार्रवाई में जुट गई।

इससे पहले, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भारतीय सेना को एलएसी के साथ अन्य क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने की पीएलए की योजना के बारे में सतर्क किया था। इसके बाद, दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुईं लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ीं। जब चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों की ताकत देखी, तो झड़पें रुक गईं।

एक सूत्र ने कहा, दोनों देशों की सेनाएं अब भी आमने-सामने खड़ी हैं।

सेनाओं को इलाके से पीछे हटाने के लिए चुशुल में एक ब्रिगेड कमांडर-स्तरीय फ्लैग मीटिंग शुरू हुई और यह अभी भी चल रही है।

भारतीय सेना ने हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी झड़प से इनकार किया है।

वीएवी-एसकेपी



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Special Frontier Force officer killed in landmine blast at LAC
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भाजपा ने मुखर्जी के निधन पर रद्द किया कार्यक्रम, नहीं जारी हुई ई-बुक

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नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर भाजपा की दिल्ली इकाई ने सोमवार को अपना एक कार्यक्रम रद्द करते हुए उसे श्रद्धांजलि सभा का रूप दे दिया। भाजपा की दिल्ली इकाई को कोरोना काल में चलाए गए सेवा कार्यो पर तैयार ई-बुक का लोकार्पण टालना पड़ा।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि ईश्वर प्रणब मुखर्जी की आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का निधन राष्ट्र की अपूरणीय क्षति है। ईश्वर प्रणब मुखर्जी की आत्मा को शांति दें।

प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारों से ओतप्रोत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की बातों पर सदैव ही खुलकर अपने विचार रखते थे। उनके निधन पर दिल्ली भाजपा उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि देती है।

दरअसल, भाजपा ने सभी राज्यों और जिला इकाइयों को सेवा कार्यो पर ई-बुक तैयार करने का निर्देश दिया था। भाजपा की दिल्ली प्रदेश यूनिट ने ई-बुक तैयार करने के बाद सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में लोकार्पण कार्यक्रम रखा था। लेकिन, जैसे ही पूर्व राष्ट्रपति के निधन की खबर आई तो कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

एनएनएम/एसजीके



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BJP cancels program on Mukherjee's death, no e-book released
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ट्यूशन फीस के अलावा कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे निजी स्कूल

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नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य शुल्क न लेने के का नया आदेश जारी किया है।

कोविड-19 की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने निजी-सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 की अवधि के दौरान केवल ट्यूशन फीस ही लें। लॉकडाउन और किसी अन्य मद के तहत चार्ज नहीं लिए जाएंगे।

हालांकि, यह भी निर्देश दिया है कि लॉकडाउन की समाप्ति के बाद मासिक आधार पर वार्षिक और विकास शुल्क आनुपातिक रूप से वसूला जा सकता है। इससे पहले भी 18 अप्रैल को दिल्ली सरकार ने ऐसा ही एक निर्देश दिया था। अब दिल्ली सरकार के ताजा आदेश से निजी स्कूलों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी करते हुए कहा, लॉकडाउन अवधि के दौरान निजी-सहायता प्राप्त,मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को ट्यूशन फीस के अलावा कोई शुल्क नहीं देना है। वार्षिक और विकास शुल्क लिया जा सकता है लेकिन वह लॉकडाउन की अवधि पूरी होने के बाद केवल मासिक आधार पर ले सकते हैं। स्कूल खुलने के दौरान अभिभावकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जैसे कि परिवहन शुल्क आदि। किसी भी स्थिति में, स्कूल माता-पिता या छात्रों से परिवहन शुल्क की मांग नहीं करेंगे। फीस केवल मासिक आधार पर एकत्र की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने आदेश में कहा, शैक्षणिक सत्र 2020-21 में किसी भी शुल्क को बढ़ाया नहीं जाएगा। किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले डीडीए या अन्य सरकारी भूमि के स्वामित्व वाली भूमि पर चल रहे स्कूल शिक्षा निदेशक अनुमोदन प्राप्त करेंगे। स्कूल बिना किसी भेदभाव के सभी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा सामग्री या कक्षाएं प्रदान करेंगे। स्कूलों को शिक्षण सामग्री छात्रों तक ऑनलाइन पहुंचाने के लिए आईडी और पासवर्ड प्रदान करना होगा।

आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है, कि स्कूलों के प्रिंसिपल किसी भी स्थिति में उन छात्रों के माता-पिता को आईडी और पासवर्ड से वंचित नहीं करेंगे जो जो वित्तीय संकट के कारण स्कूल शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ हैं।

स्कूलों या स्कूलों के प्रमुखों की प्रबंध समिति शुल्क का कोई नया प्रमुख बनाकर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डालेगी। स्कूल फंड की अनुपलब्धता के नाम पर स्कूल के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के मासिक वेतन को नहीं रोकेंगे।

आदेश में यह भी कहा गया है कि छात्रों के माता-पिता से ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों से भी कई शिकायतें मिल रही हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के कई निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों ने वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क और कई अन्य मदों के तहत चार्ज करना शुरू कर दिया है।

शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, विद्यालयों का ऐसा कार्य निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। महामारी की स्थिति और स्कूलों को लंबे समय तक बंद रखने के मद्देनजर उनकी ओर से ऐसा करना एक अमानवीय कृत्य है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ दिल्ली सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

जीसीबी/एसजीके



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Private schools will not be able to charge any fee other than tuition fees
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प्रणब दा के निधन पर शिवराज, कमल नाथ ने शोक जताया

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भोपाल, 1 सितंबर (आईएएनएस)। देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ व दिग्विजय सिंह सहित अन्य नेताओं ने दुख व्यक्त करते हुए उनके संसदीय ज्ञान और अनुभव को याद किया।

शिवराज ने कहा कि मुखर्जी ऐसे नेता थे, जिन्होंने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर अपने देश को रखा। उनकी विद्वता, राष्ट्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता, विषयों पर उनकी पकड़ और विलक्षण बुद्धि उन्हें सबसे हटकर राजनेता बनाती थी। अपने विचारों को पूरी दृढ़ता से रखते थे। देश के विकास में उनका अतुलनीय योगदान है।

मुख्यमंत्री चौहान ने मुखर्जी के वित्तमंत्री के काल को याद करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में फसल को नुकसान हुआ था, उस समय मुख्यमंत्री के नाते उनकी मुखर्जी से मुलाकात हुई थी। फसल के पाला नुकसान को प्राकृतिक आपदा में नहीं माना जाता था, वे नेता मुखर्जी थे जिनके नेतृत्व में मंत्रियों का समूह बना था और पाला को भी प्राकृतिक आपदा में शामिल किया गया था और मध्यप्रदेश को राहत मिली थी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की बेहद दुखद खबर प्राप्त हुई। मुखर्जी के साथ लंबे समय तक कार्य करने का अवसर मिला। एक कुशल राजनीतिज्ञ, सरल व्यक्तित्व के धनी होकर दूरदृष्टि रखने वाले और पक्के इरादों वाले व्यक्ति थे। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति के समान है। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान व पीछे परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपनी शोक संवेदना में कहा कि भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से मन व्यथित है। उन्होंने देश को एक नई दिशा दी। देश के लिए उनका योगदान अतुलनीय है और यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार संबल प्रदान करें।

उन्होंने आगे कहा कि वे प्रतिदिन अपनी डायरी लिखते थे और अपने जीवन के संस्मरण उन्होंने अपनी जीवनी में लिखे थे, जिसका आखिरी संस्करण लिख रहे थे। भारत के इतिहास में उनका नाम सदैव रहेगा। उन्हें सादर नमन व श्रद्घांजलि। परिवार जनों को संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

एसएनपी/एसजीके



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Shivraj, Kamal Nath mourn Pranab da's death
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प्रणब मुखर्जी एक सच्चे जनसेवक थे : बाइडन

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वाशिंगटन, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक संदेश में अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन ने दिग्गज नेता को एक सच्चा जनसेवक कहा है।

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति ने मंगलवार को ट्वीट किया, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक सच्चे जनसेवक थे, जिन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने में हमारे दोनों राष्ट्रों के संबंधों के महत्व पर गहरा विश्वास किया।

उन्होंने कहा, जिल (बाइडन की पत्नी) और मैं उनके निधन के बारे में सुनकर दुखी हैं। उनके प्रियजनों और भारतीय लोगों के लिए हमारी प्रार्थना।

बाइडन ने पोस्ट के साथ एक फोटो भी डाला, जिसमें वह मुखर्जी के साथ नजर आ रहे हैं।

भारत के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक मुखर्जी का सोमवार शाम को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

वह 2012 से लेकर 2017 तक भारत के राष्ट्रपति थे।

वीएवी-एसकेपी



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Pranab Mukherjee was a true public servant: Biden
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बेरुत बंदरगाह पर विस्फोट के बाद मैक्रों दूसरी बार लेबनान दौरे पर

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बेरुत, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। लेबनान के बेरुत में 4 अगस्त को बंदरगाह पर हुए विस्फोटों के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों दूसरी बार लेबनान के दौरे पर हैं।

समचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मैक्रों ने सोमवार शाम अपने आगमन पर कहा कि यह दौरा उनकी पिछली यात्रा के दौरान किए गए वादे का परिणाम है, जिसका उद्देश्य देश की राजनीतिक स्थिति और मानवीय सहायता के वितरण के साथ-साथ ग्रेटर लेबनान के शताब्दी जश्न समारोह में भाग लेना है।

उन्होंने लेबनान से भ्रष्टाचार से लड़ने, बिजली क्षेत्र में सुधार और बैंकिंग क्षेत्र में समस्याओं से निपटने का आग्रह किया और यह सुनिश्चित करने के लिए कि नया मंत्रिमंडल इस तरह के सुधारों को लागू करने में सक्षम है, तीसरे दौरे पर आने का वादा भी किया।

मैक्रों ने कहा, सिर्फ तभी, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लेबनान का समर्थन करने के लिए तैयार होगा।

मंगलवार को मैक्रों के अधिकारियों और नागरिक समाज और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने की उम्मीद है।

फ्रांसीसी नेता ने इससे पहले, विस्फोटों के दो दिन बाद लेबनान का दौरा किया था, जो कि सालों से बंदरगाह पर 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट के संग्रहित होने के कारण हुए थे। विस्फोटों में कम से कम 190 लोगों की मौत हुई और 6,500 अन्य घायल हुए थे।

मैक्रों का दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब लेबनान ने जर्मनी में अपने राजदूत मुस्तफा अदीब को देश का नया प्रधानमंत्री बनाया है।

वीएवी-एसकेपी



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Macron visits Lebanon for second time after explosion at Beirut harbor
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शांति का मतलब सत्ता साझा करने का सौदा नहीं : गनी

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काबुल, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि शांति का मतलब सत्ता साझा करने का राजनीतिक सौदा नहीं है, बल्कि लोगों की इच्छाओं को पूरा करना है जो युद्धग्रस्त देश में हिंसा और खूनखराबा खत्म करने के बारे में है।

उन्होंने काबुल में रविवार को एक समारोह में आशुरा या मोहर्रम के 10वें दिन, जो पैगंबर मोहम्मद के पोते इमाम हुसैन और उनके अनुयायियों की कर्बला की लड़ाई में शहादत की याद में मनाया जाता है, के मौके पर यह टिप्पणी की।

टोलो न्यूज ने गनी के हवाले से कहा, शांति से मत डरिए, क्योंकि शांति का मतलब सत्ता साझा करने का राजनीतिक सौदा नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर कोई देश में हिंसा को समाप्त होते देखना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि दुश्मन चाहे देश को कितना ही नुकसान क्यों न पहुंचाने की कोशिश कर लें, अफगानिस्तान वापस उठ खड़ा होगा।

उनकी टिप्पणी राष्ट्रीय सुलह के लिए अफगान उच्च परिषद के अध्यक्ष अब्दुल्ला अब्दुल्ला के यह कहने के बाद आई है कि काबुल सरकार और तालिबान के बीच बहुप्रतीक्षित अंतर-अफगान वार्ता अगले सप्ताह शुरू होगी।

वीएवी/एसजीके



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Peace does not mean a power-sharing deal: Ghani
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तीसरे अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले में दिखेगी काली तकनीक

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बीजिंग, 31 अगस्त (आईएएनएस)। यातायात, कार्यालय और सार्वजनिक स्वास्थ्य का भविष्य कैसा होगा? इस नवंबर को चीन में आयोजित होने वाले तीसरे अंतरराष्ट्रीय आयात मेले में आप जरूर देख पाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय आयात मेले में आप इन काली तकनीक को देख सकते हैं, जिनमें 3डी प्रिंटेड टायर, सेल्फ ड्राइविंग कार की स्मार्ट रूफ और स्मार्ट कार्यालय इत्यादि शामिल है।

गौरतलब है कि तीसरे अंतरराष्ट्रीय आयात मेले के ऑटोमोबाइल प्रदर्शनी क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 30,000 वर्ग मीटर बड़ा है, 16 देशों और क्षेत्रों के 58 प्रदर्शक इसमें प्रदर्शन करेंगे।

मिशेलिन कॉपोर्रेशन चीन के अध्यक्ष वेई शूज्ये ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय आयात मेले में मिशेलिन एक 3डी प्रिंटिंग कॉन्सेप्ट टायर का प्रदर्शन करेगा, यह टायर जैविक सामग्री से बना है और इसे बायोडिग्रेडेबल बनाया जा सकता है। उन्हें आशा है कि इस तरीके से अन्य कंपनियों के साथ भविष्य की गतिशीलता के सतत विकास को बढ़ावा देंगे।

वेबेस्टो कंपनी तीसरा अंतरराष्ट्रीय आयात मेले में एक सेल्फ ड्राइविंग कार की स्मार्ट रूफ का प्रदर्शन करेगी। आप आवाज और इशारों के माध्यम से रूफ के खोलने और बंद करने को नियंत्रित कर सकते हैं।

और ज्यादा काली तकनीक आप खुद तीसरे अंतरराष्ट्रीय आयात मेले में देख सकते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

-- आईएएनएस



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Black technology will be seen in the third international import fair
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चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने फ्ऱांस में भाषण दिया

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बीजिंग, 31 अगस्त (आईएएनएस)। 30 अगस्त को चीनी स्टेट कांसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने फ्ऱांस के अंतर्राष्ट्रीय संबंध अनुसंधान प्रतिष्ठान में एकता व सहयोग, खुलापन व सहनशीलता, एक साथ मानव के शांतिपूर्ण विकास की रक्षा करें नामक भाषण दिया।

वांग यी ने कहा कि बीते आधे साल में कोविड-19 महामारी का प्रकोप विश्व में फैला। लेकिन कोविड-19 वायरस से ज्यादा भयानक बात तो घृणा व विरोध पैदा करने वाला राजनीतिक वायरस है। महामारी पर राजनीतिक लेबल चिपकाने से न सिर्फ अपने मामलों का समाधान किया जा सकेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एकता व सहयोग को भी बर्बाद किया जाएगा।

वांग यी ने यह भी कहा कि नये चीन की स्थापना के 70 वर्षों में, खास तौर पर सुधार व खुलेपन के 40 वर्षों में चीनी जनता ने चीनी विशेषता वाले रास्ते पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस रास्ते पर चीन ने छलांग लगाने वाला विकास प्राप्त किया, और चीन की व्यापक राष्ट्रीय शक्ति निरंतर रूप से बढ़ रही है। साथ ही चीन के विकास से न सिर्फ चीनी जनता, बल्कि सारी दुनिया को भी लाभ मिला है।

वांग यी के अनुसार चीन व यूरोप को मानव के भविष्य के प्रति जिम्मेदाराना रुख अपनाकर चीनी व यूरोपीय जनता के बुनियादी हितों के आधार पर एक साथ घृणा व विरोध का मुकाबला करना, इतिहास की सही दिशा में आगे बढ़ाना, और जटिल विश्व को ज्यादा स्थिरता पेश करनी चाहिये।

पहला, हमें शांति व विकास की रक्षा करना, विश्व को विभाजित करने का विरोध करना चाहिये। दूसरा, हमें ²ढ़ता से बहुपक्षवाद की रक्षा करनी और एक साथ एकतरफा बदमाशी का विरोध करना चाहिये। तीसरा, हमें लगातार आपसी लाभदायक सहयोग का विस्तार करना, और एक दूसरे से अलगाव करने का विरोध करना चाहिये। चौथा, हमें हाथ में हाथ डालकर वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करना चाहिये।

वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीन व यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 45वीं वर्षगांठ है। 45 वर्षों में चीन-यूरोप संबंधों के विकास से यह जाहिर हुआ है कि चीन व यूरोप के बीच बुनियादी संघर्ष नहीं है, सहयोग प्रतिस्पर्धा से ज्यादा हैं, सहमति मतभेदों से ज्यादा है।

वांग यी ने कहा कि चीन हमेशा से यूरोपीय संघ के स्थान व भूमिका पर बड़ा ध्यान देता है, और इस बात का समर्थन देता है कि यूरोप अंतर्राष्ट्रीय मामलों में ज्यादा भूमिका अदा कर सकेगा। चीन व यूरोप को एकता व सहयोग को मजबूत करना चाहिये, और चार पक्षों में साझेदार संबंधों की स्थापना करनी चाहिये।

पहला, महामारी के मुकाबले में साझेदार संबंधों की स्थापना करें। दूसरा, पूंजी-निवेश में साझेदार संबंधों को मजबूत करें। तीसरा, हरित व डिजिटल के साझेदार संबंधों की स्थापना करें। और चौथा, बहुपक्षीय सहयोग के साझेदार संबंधों को गहन करें।

वांग यी के अनुसार वर्तमान में शांति व विकास की रक्षा करना, विश्व की प्रगति को बढ़ावा देने का ऐतिहासिक कर्तव्य चीन व यूरोप दोनों की पीठ पर डाला गया है। हमें आशा है कि चीन व यूरोप विश्व में ज्यादा स्थिर तत्वों को पेश करेंगे, और मानव समुदाय के लिये ज्यादा सुन्दर भविष्य बना सकेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

-- आईएएनएस



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Chinese Foreign Minister Wang Yi gave a speech in French
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