डिजिटल डेस्क, आइजोल। निवेश को आकर्षित कर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिजोरम ने खेल को उद्योग का दर्जा दिया है। मिजोरम ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। राज्य के खेल मंत्री रोबर्ट रोमाविया रोयटे ने इस बात की जानकारी दी और कहा कि इस कदम से राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में से मिजोरम ने देश से खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है, खासकर फुटबॉल में। राज्य के कई खिलाड़ी देश के अलग-अलग फुटबॉल क्लबों में खेल रहे हैं। फुटबॉल के अलावा इस राज्य ने हॉकी और भारत्तोलन में भी अच्छा किया है।
रोयटे ने आईएएनएस से कहा, 2010 से राष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा चल रही थी खेल को उद्योग का दर्जा दिया जाए क्योंकि खेल राज्य का मुद्दा है इसमें केंद्र सरकार का सीमित योगदान है। मिजोरम सरकार ने शुक्रवार को खेल को उद्योग का दर्जा दिया और राज्य के खेल प्रशंसकों की पुरानी ख्वाहिश को पूरा किया। उन्होंने कहा, खेल को इंडस्ट्री का दर्जा मिल जाने के बाद हमें उम्मीद है कि काफी सारा निवेश आएगा और इससे कई और फायदे भी होंगे। इसके अलावा इंडस्ट्री के तौर पर होने वाले फायदे जिसमें सब्सीडीज, बैंक सुविधाएं, भी अब खेल तक पहुंचेंगी। हाल के फैसले से खेल सेक्टर में रोजगार के मौके भी खुलेंगे।
राज्य के फुटबॉल क्लब आइजोल के मालिका और खेल मंत्री रोयटे ने कहा कि कई अन्य इंडस्ट्रीज ने इस फैसले के बाद राज्य में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा, इससे ग्रामीण स्तर पर खेल इंफ्रस्ट्रक्च र को बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार, निजी और कॉरपोरेट फर्म खेल को समर्थन देने में रूचि लेंगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना ऊंजा फुटबॉल स्टेडियम बनाने की है। मिजोरम के तकरीबन 150 खिलाड़ी भारत की शीर्ष फुटबॉल लीग इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेलते हैं।
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