Friday, March 20, 2020

Nirbhaya Case: दोषियों ने जेल में कमाए 1.37 लाख रुपए, जानिए अब किसे मिलेंगे ये पैसे

https://ift.tt/2QuwFir

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरी दुनिया को झकझोर देने वाले निर्भया कांड (Nirbhaya case) के चारों दोषियों को शुक्रवार सुबह फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के दोषी विनय शर्मा, मुकेश कुमार, अक्षय कुमार और पवन गुप्ता को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुबह 5.30 बजे फांसी दी गई। इससे पहले चारों दोषियों सात साल जेल में गुजारे। इस दौरान दोषियों ने जेल में काम करके एक लाख रुपए से ज्यादा की कमाई भी की। अब सवाल यह उठता है कि, दोषियों के कमाई के ये पैसे किसे मिलेंगे।

Nirbhaya Justice: 7 साल 3 महीने और 3 दिन, हैवानियत की रात से फांसी तक की कहानी...

तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक, निर्भया के चारों दोषियों ने काम करके 1 लाख 37 हजार कमाए थे। इसमें अक्षय ने 69 हजार रुपये, पवन ने 29 हजार रुपये और विनय ने 39 हजार रुपये की कमाई की थी। हालांकि दोषी मुकेश ने कोई काम नहीं किया था। जेल प्रशासन ने बताया दोषियों के कमाए पैसों को उनके परिवार को दिया जाएगा। साथ ही चारों दोषियों के कपड़ों और अन्य सामान को भी परिवारवालों को दिया जाएगा।

Nirbhaya Justice: निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाया, डॉक्टर दोषियों को मृत किया

गौरतलब है कि, 6 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के मुनीरका में 6 लोगों ने चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा से गैंगरेप किया था। इस मामले में दरिंदगी की वो सारी हदें पार की गईं, जिसे देखकर-सुनकर हर कोई दहशत में आ जाए। वारदात के वक्त पीड़िता का दोस्त भी बस में था। दोषियों ने उसके साथ भी मारपीट की थी। इसके बाद युवती और दोस्त को चलती बस से बाहर फेंक दिया था। 18 दिसंबर को दिल्ली पुलिस ने चार दोषियों रामसिंह, मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को गिरफ्तार किया था, जबकि 21 दिसंबर एक नाबालिग को दिल्ली से और 6वें दोषी अक्षय ठाकुर को बिहार से गिरफ्तार किया गया था। सात साल जेल की सजा काटने के बाद आज यानी 20 मार्च 2020 को चार दोषियों को फांसी दी गई।

Nirbhaya Justice: निर्भया को इंसाफ देकर तिहाड़ जेल ने बनाया ये रिकॉर्ड



.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
.
...
Nirbhaya case convicts hanged convicts earned money in Tihar jail Nirbhaya Justice Nirbhaya Verdict
.
.
.


from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/2UmsQwL

No comments:

Post a Comment