डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी सियासी ड्रामा अभी तक नहीं थमा है। भोपाल से लेकर बेंगलुरू और देश की सर्वोच्च न्यायालय तक ड्रामा चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में आज (19 मार्च) एक बार फिर बहुमत परीक्षण के मसले पर सुनवाई होगी। पूर्व सीएम और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने कोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा में जल्द फ्लोर टेस्ट करवाने की गुहार लगाई है। बीजेपी की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई टाल दी गई थी, क्योंकि कांग्रेस की तरफ से पक्ष रखने के लिए कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ था। इसके बाद बुधवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति से सवाल पूछा कि, 16 विधायकों के इस्तीफे क्यों नहीं स्वीकार किए गए। मध्यप्रदेश के सियासी संकट पर अदालत से लेकर बेंगलुरु तक राजनीतिक दांव पेंच जारी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से पूछे सवाल
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष पर कड़ा रुख अख्तियार किया और 16 विधायकों के इस्तीफे ना स्वीकारने का कारण पूछा।सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से पूछा, आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया? अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो विधायकों के इस्तीफे अस्वीकार कर सकते हैं। आपने 16 मार्च को बजट सत्र को टाल दिया। अगर बजट पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा? अदालत में कांग्रेस और भाजपा पक्ष के वकीलों में कई बार गरमागरम बहस भी हुई। भाजपा के वकीलों ने सभी 16 बागी विधायकों को पेश करने की इच्छा जाहिर की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया था।
MP Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर से पूछा- विधायकों के इस्तीफे पर अब तक क्यों नहीं लिया फैसला
'विधायकों को डराने की कोशिश कर रहे कांग्रेस नेता'
अदालत में कानूनी पहलुओं पर इस मसले को मापा जा रहा है, वहीं भोपाल और बेंगलुरु में भी सियासी खेल जारी है। भोपाल में भाजपा ने दिग्विजय सिंह की शिकायत चुनाव आयोग से की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता विधायकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
बेंगलुरु में भी मप्र का सियासी ड्रामा
वहीं दूसरी ओर बुधवार को बेंगलुरु में सियासी ड्रामा चरम पर रहा। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह सुबह-सुबह बागी विधायकों से मिलने रिजॉर्ट पहुंचे, लेकिन राज्य पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शाम तक वो बाहर आए तो कर्नाटक हाईकोर्ट में विधायकों से मिलने की इजाजत मांगी लेकिन याचिका ही खारिज हो गई।
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/2TZwOwn
.
No comments:
Post a Comment