नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। निर्भया के दोषियों को दी जाने वाली फांसी की तैयारियों के मद्देनजर तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल, एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल राजकुमार और जेल नंबर-3 के सुपरिटेंडेंट सुनील बुधवार की सुबह से ही जेल से बाहर नहीं गए। ये तमाम आला अधिकारी निर्भया के गुनगहारों को फांसी देने की तैयारियों में जुटे रहे।
राष्ट्रीय राजधानी में 16 दिसंबर 2012 को 23 वर्षीय फिजियोथेरेपी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के चार दोषियों विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह और पवन गुप्ता को शुक्रवार की सुबह निर्धारित समय 5:30 बजे फांसी की सजा दे दी गई।
करीब 17 हजार कैदियों का जिम्मा संभालने वाले तिहाड़ प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की थी। इसके बाद पश्चिमी दिल्ली के पुलिसकर्मियों के साथ ही सीआरपीएफ को भी तिहाड़ की सुरक्षा में तैनात किया गया था।
फांसी दिए जाने के बाद अब मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट या एसडीएम पंचनामा भरेंगे और पोस्टमार्टम के लिए शवों को नजदीकी अस्पताल ले जाया जाएगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट या एसडीएम पोस्टमार्टम के लिए पैनल की अपील करेंगे। डेथ लैटर पर डिप्टी कमिश्नर और डाक्टर साइन करेंगे।
तिहाड़ सूत्रों ने बताया कि पवन जल्लाद पूरी रात सोया नहीं। उसने निर्धारित समय पर करीब तीन बजे चारों फंदे तैयार कर सही जगह पर लगा दिए थे। इसके बाद निर्धारित समय पर फांसी की कार्रवाई पूरी की गई।
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