डिजिटल डेस्क, अयोध्या। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आ गया है। केंद्र सरकार ने अब तक राम मंदिर ट्रस्ट (Ram mandir trust) की घोषणा नहीं की है। राम मंदिर ट्रस्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई समय अवधि 9 फरवरी को समाप्त हो रही है। यह ट्रस्ट अयोध्या मंदिर निर्माण को तरीके तय करेगा।
गौरतलब है कि राम मंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को सौंपी थी। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया था कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni waqf board) को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ की जमीन दे।
अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगा सुन्नी वक्फ बोर्ड, मस्जिद की जमीन पर चर्चा नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट के गठन के लिए तीन महीने का समय दिया था। अब यह समय 9 फरवरी को खत्म हो रही है। कहा जा रहा कि मोदी सरकार जल्द राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा करेगी। हालांकि सरकार को पहले एक प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में लाना होगा। जहां उन्हें ट्रस्ट का संविधान और सदस्यों जैसी प्रमुख जानकारी बतानी होगी। वित्तीय और मंदिर निर्माण का खर्च ट्रस्ट के देखरेख में होगा।
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राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा के साथ मस्जिद के जमीन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड जमीन को तय करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट गठन की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है। सरकार के पास बड़ी चुनौती है कि वो राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष किसने बनाए?
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