Wednesday, January 22, 2020

Auctioned: भगोड़े नीरव मोदी का खजाना होगा खाली, ED नीलाम करेगा लग्जरी गाड़िया, घड़ियां और मशहूर पेंटिंग्स

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी का खजाना खाली होने वाला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) मोदी की घड़ियां, लग्जरी कारें, पेंटिंग्स और दूसरी संपत्तियों को नीलाम करने की तैयारी में है। 27 फरवरी को मुंबई में नीलामी होगी, जबति 3 और 4 मार्च को ऑनलाइन नीलामी होगी। गौरतलब है कि नीरव मोदी पर पीएनबी के करीब 14 हजार करोड़ रुपए लेकर भागने का आरोप है। 

आयकर विभाग ने बेची थी पेंटिंग्स
इससे पहले भी नीरव मोदी की संपत्तियां नीलाम हुई हैं। पिछले साल मार्च में आयकर विभाग ने मोदी की पेंटिंग्स बेचकर 54.84 करोड़ रुपए एकत्रित किए थे। जिनमें अमृता शेरगित की एक पेटिंग, एम.एफ.हुसैन की महाभारत श्रृंखला की ऑयल पेटिंग, वीएस गायतोंडे की पेटिंग और मनजीत बावा की कृष्ण पेटिंग शामिल है। हर पेटिंग की कीमत पांच से 12 करोड़ रुपए है। नीलामी में रखी जाने वाली घड़ियों में एयगर-ला-कोट मेन्स की रिवर्सो गिरोटोर्बिलन-2, गेर्राड पेरेगॉक्स की ओपेरा वन शामिल है। वहीं 80 से ज्यादा ब्रांडेड हैंडबैग को भी नीलामी में भी रखा जाएगा।

कौन है नीरव मोदी?
नीरव मोदी हीरे का व्यापारी है। इसकी तीन कंपनियां है, जिनमें डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट और सतिले डायमंड है। मोदी के साथ उनके भाई, पत्नी व साथी मामा मेहुल चोकसी पर पीएनबी फ्रॉड का आरोप है। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इनके कंपनी की ब्रांड एम्बेस्डर रह चुकी हैं।

कैसे दिया घोटाले को अंजाम
हांगकांग से ज्वेलरी खरीदने के लिए नीरव मोदी और उनके साथियों को एलओयू दिया गया था। पीएनबी के एलओयू आधार पर बैंकों ने क्रेडिट पर पैसे दिए थे। बता दें एलओयू एक तरह की गारंटी होती है। इसमें एक बैंक दूसरे बैंक लिए लेटर जारी करता है। जिसके आधार पर दूसरा बैंक बताए गए शख्स को पैसा देता है। इसमें विदेशों में सामान खरीदने के लिए आवश्यक पैसों की जिम्मेदारी बैंक की होती है। बैंक द्वारा जारी एलओयू लेटर देने का मतलब होता है बैंक उस ग्राहक के द्वारा लिए जाने वाले पैसों की जिम्मेदारी ले रहा है। लेटर उनको दिया जाता है जिनका बिजनेस अच्छा होता और बैंक उनसे कर्ज की वसूली सरलता से कर सके। पीएनबी घोटाला मुंबई के एक क्षेत्रीय बैंक से किया गया। बैंक के कर्मचारियों ने फर्जी एलओयू जारी किए थे। जिसके बाद स्विफ्ट नेटवर्क के जरिए इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक को सूचना भेजी की पीएनबी को पैसों की जरूरत है। जिसके बाद पंजाब नेशनल बैंक के लेनदेन करने वाले पासवर्ड को सत्यापित किया। पूरी जानकारी मिलने के बाद पैसों विदेशों में ट्रांसफर कर दिए गए। 

कैसे आया घोटाला सामने
करीब आठ फर्जी एलओयू लेटर नीरव मोदी, मेहुल चोकसी व उनके साथियों को दिए गए थे। जिनमें तीन लेटर एक्सिस बैंक और पांच इलाहाबाद बैंक को दिए गए। पत्रों के आधार पर दोनों बैंक ने विदेश से सामान खरीदने में आर्थिक सहायता की थी। बाद में जब इन बैंकों ने पैसों का भुगतान पीएनबी से मांगा तो पता चला कि इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी बैंक के सिस्टम में नहीं है। जिसके बाद ये घोटाला सामने आया। 


 



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Nirav modi luxury watches car painting will be auctioned in next month
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