मुंबई, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक के दिन-प्रतिदिन के मामलों की देखरेख के लिए तीन स्वतंत्र निदेशक समिति (सीओडी) द्वारा संचालित करने को मंजूरी दे दी है।
बैंक के शेयरधारकों द्वारा 25 सितंबर को बैंक की वार्षिक आम बैठक में बोर्ड में सात निदेशकों, जिसमें इसके अंतरिम एमडी और सीईओ एस सुंदर भी शामिल थे, उनकी पुन: नियुक्ति को अस्वीकार करने के बाद यह निर्णय लिया गया।
बैंक ने एक रेगुलेटॉरी फाइलिंग में कहा कि सीओडी एड-इंटेरिम, जिसमें निदेशक समिति की अध्यक्ष मीता मखान, सदस्य शक्ति सिन्हा, सदस्य सतीश कुमार शामिल हैं। वे एमडी और सीईओ की विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करंगे।
बैंक ने कहा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 27 सितंबर 2020 को मंजूरी दे दी है कि बैंक के दिन-प्रतिदिन के मामलों की देखरेख तीन स्वतंत्र निदेशकों से बनी एक निदेशक समिति (सीओडी) द्वारा चलाए जाएंगा।
प्रस्तावित 10 निदेशकों में से तीन यही निदेशक हैं, जिन्हें बैंक के शेयरधारकों द्वारा पुन: नियुक्ति के लिए वोट दिया गया था।
बैंक ने रविवार की देर शाम अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में फिर से बैंक की वित्तीय स्थिति के बारे में चिंताओं को दूर करने की कोशिश की।
उसने कहा, 27 सितंबर 2020 को लगभग 262 प्रतिशत की लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) के साथ आरबीआई द्वारा आवश्यक न्यूनतम 100 प्रतिशत के खिलाफ जमा-धारक, बॉन्ड-धारक, खाता-धारक और लेनदार पूरी तरह से सुरक्षित घेरे में हैं।
एमएनएस-एसकेपी
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