नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। हरफनमौला खिलाड़ी स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के 2014 के इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट पदार्पण किया था। यह सीरीज काफी रोमांचक रही थी। ट्रेंट ब्रिज में खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था और लॉडर्स में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
बिन्नी ट्रेंट ब्रिज पर अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में बेन स्टोक्स की गेंद पर एक रन पर ही आउट हो गए थे। उन्हें इंग्लैंड की पारी के दौरान विकेट भी नहीं मिला था। हालांकि उन्होंने दूसरी पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए भारत को मैच बचाने में मदद की थी। बिन्नी ने कहा कि धोनी ने उनसे विकेट पर खड़े रहने को कहा था।
बिन्नी ने स्पोटर्सकीडा से कहा, माही भाई (धोनी) से टेस्ट कैप हासिल करना मेरे लिए विशेष पल था। वो टेस्ट मैच हालांकि उस तरह का नहीं रहा था जिस तरह का हम चाहते थे। आखिरी दिन हम दबाव में थे। मैंने पहली पारी में एक रन बनाया था इसलिए दूसरी पारी से पहले मैं ठीक से सोया नहीं था।
बिन्नी ने कहा, माही भाई ने मुझसे कहा कि तुम्हें चार-पांच घंटे बल्लेबाजी करनी होगी। मैंने उनकी तरफ ऐसे देखा, मैं विश्वास नहीं कर पा रहा था कि वह मुझसे ऐसा कह रहे हैं क्योंकि मैं उस समय ठीक से सोच नहीं पा रहा था। मैं घबराया नहीं था, मैं अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहा था और रन नहीं बन रहे थे।
बिन्नी ने 114 गेंदों पर 78 रन बनाए और रवींद्र जडेजा के साथ सातवें विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी की और फिर भुवनेश्वर कुमार के साथ आठवें विकेट के लिए 91 रन जोड़े।
उन्होंने कहा, मैंने दो घंटे बल्लेबाजी की, मैं 36 रनों पर खेल रहा था। मैं जानता था कि मैं इस जगह का हकदार हूं। मैंने आठ-नौ साल घरेलू क्रिकेट में इस तरह की स्थिति में खेला हूं- या तो मैच बचाओ या मैच बनाओ। वो अनुभव था, जो मुझे उस दिन काम आया। मैं टेस्ट पदार्पण पर शतक पसंद करता लेकिन वो उस दिन हो नहीं पाया, मैं अपनी जिंदगी भर 78 से खुश हूं।
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