डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक खेलों के एक साल तक के लिए स्थगित होने के बाद अब उनके पास अपने स्किल्स को सुधारने का मौका है साथ ही उन क्षेत्रों पर भी काम करने का मौका है, जिन पर कि कोच ग्राहम रीड ने उन्हें सुधार करने के लिए कहा है। दिलप्रीत ने कहा, एफआईएच प्रो लीग के मैचों के बाद मुख्य कोच ने मुझसे विभिन्न क्षेत्रों में सुधार करने को कहा था, जैसे कि डिफेंसिव स्किल्स, टैकलिंग और मैच के अंतिम मिनटों में दबाव से कैसे निपटना आदि है। उन्होंने कहा, ओलंपिक के स्थगन से मेरे जैसे युवाओं को खुद में सुधार करने का मौका मिलेगा और ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की उम्मीद बनी रहेगी।
दिलप्रीत ने 2018 में भारत की सीनियर टीम में पदार्पण किया था, जहां उन्होंने अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। लेकिन भुवनेश्वर में एफआईएच पुरुष विश्व कप में सामान्य प्रदर्शन के बाद दिलप्रीत को जूनियर टीम में भेज दिया गया था और उन्हें अपनी फिटनेस पर काम करने को कहा गया था। उन्होंने कहा, मैं जूनियर राष्ट्रीय शिविर में था, तभी मुख्य कोच ग्राहम (रीड) ने मुझे ट्रेनिंग करते हुए देखा और मुझसे व्यक्तिगत तौर पर बात की। दिलप्रीत ने पिछले साल सुल्तान जोहोर कप में भारतीय जूनियर टीम के रजत पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।
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