Friday, April 3, 2020

दिल्ली: 17 साल की लड़की ने पिता के लिए मांगी अंगदान की अनुमति, HC ने डॉक्टरों से कहा करें जांच

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई नाबालिग अंग दान करना चाहता है तो यह पूर्ण निषेध नहीं है। जस्टिस संजीव सचदेवा ने यह स्पष्ट भी किया कि दान की अनुमति है, लेकिन परिस्थितियों और नियमों के अनुसार है। दरअसल कोर्ट एक 12वीं छात्रा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। 17 वर्षीय लड़की ने अपने पिता को लिवर का टुकडा दान करने की अनुमति मांगी है। 

सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लड़की ने अपने लिवर का हिस्सा अपने पिता को दान करने की अनुमति मांगी। उसके पिता लिवर में सिरोसित नामक बीमारी से पीड़ित है। लड़की ने अपनी दलील ने कहा कि उसके पिता का पुष्पावती सिंघानिया अस्पताल और पीएसआरआई अस्पताल में इलाज चल रहा था। 

याचिका में यह भी कहा गया है कि उसकी मां एक उपयुक्त दाता नहीं है। यह भी कहा कि वह सबसे बड़ी संतान है और पिता के रक्त समूह के रूप में एक उपयुक्त दाता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देश में गैर-आवश्यक सेवाओं को बंद करने के मद्देनजर, निकट भविष्य में एक दाता को खोजने की कोई संभावना नहीं है और पिता को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता है।

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लड़की की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि नाबालिग अपने अंग दान कर सकते है, लेकिन हर मामले में यह बात लागू नहीं होती। अदालत ने डॉक्टरों का पैनल तैयार कर जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि छात्रा की जांच कर देखे की अंगदान करने से उसके जीवन में आगे कोई खतरा तो नहीं होगा। 
 



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Delhi high court comment on minor girl petition on donate organ for his father
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