नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों की गतिविधियों के मद्देनजर सभी अंतर्राज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं सील करने का निर्देश जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, जो जहां है, उसे वहीं रोक कर रखा जाए और जाने की अनुमति हरगिज न दी जाए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि ऐसे लोगों के लिए वहीं पर राहत शिविर स्थापित करके उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जाए और यदि फिर भी कोई जबरदस्ती करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा, इन राहत शिविरों के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं जो इनके खाने-पीने और स्वास्थ्य आदि का ध्यान रखेंगे। इन शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मुख्य मार्गो के साथ-साथ ऐसे राहत शिविर स्थापित किए जाएं और लोगों को रास्तों पर रहने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाए। इसके अलावा, जिला स्तर पर कॉल सेंटर भी स्थापित किए जाएं।
मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा के इस समय में सहायता के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। उनके लोगों को जिम्मेदारी देकर उन्हें कार्य करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि राधा स्वामी सत्संग समेत अनेक सामाजिक संस्थाओं ने हर तरह की मदद की पेशकश की है, ऐसे में लोगों को रखने के लिए इनके भवनों का उपयोग किया जा सकता है। हर आश्रय पर सरकार की ओर से स्वास्थ्य तथा सफाई सुविधा का प्रबंध होना चाहिए। गर्म भोजन की व्यवस्था जहां तक संभव हो किसी स्थानीय गैर-सरकारी संस्था को देनी चाहिए।
इसके अलावा, जो बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति अकेले रह रहे हैं, उनका ध्यान रखने की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
विभिन्न स्थानों से पैदल यात्रा करके अपने घर जाने की जुगत में लगे श्रमिकों के मुद्दे पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा पंजाब, हरियाणा से आज भी मजदूरों का पलायन जारी है। पूरे देश में खतरनाक हालात है। मनीष सिसोदिया ने इसका सबूत देते हुए बाकायदा एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें श्रमिकों का एक जत्था पंजाब के जीरकपुर से निकल कर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित अपने घर के लिए सड़कों पर पैदल ही निकल पड़ा है।
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