डिजिटल डेस्क, सेन फ्रांसिस्को। स्पेस एक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क का लक्ष्य वर्ष 2050 तक 10 लाख लोगों को मंगल ग्रह पर भेजना है। उन्होंने एक साथ कई ट्वीट्स कर खुलासा किया कि वे लाल ग्रह पर आबादी फैलाने और मानवों को बहुग्रही बनाने का मुश्किल काम कैसे करेंगे। स्टारशिप प्रोग्राम की जानकारी देते हुए मस्क ने कहा कि आधी शताब्दी तक लाल ग्रह पर मानवों को पहुंचाने के लिए रॉकेट कई मेगाटन सामान ले जाएगा। ट्विटर पर मस्क के 3.07 करोड़ फॉलोवर्स हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, बहुग्रही जीवन संभव बनाने के लिए प्रतिवर्ष कई मेगाटन की जरूरत होती है।
Loading the Mars fleet into Earth orbit, then 1000 ships depart over ~30 days every 26 months. Battlestar Galactica …
— Elon Musk (@elonmusk) January 17, 2020
एक लाख व्यक्ति पृथ्वी-मंगल की प्रति परिक्रमा पर पहुंचेंगे
ऑर्बिटल स्टारशिप प्रोटोटाइप, डिजाइन्ड एसएन-1 वर्तमान में स्पेस एक्स की टेस्ला इकाई में बन रहा है। उन्होंने कहा कि, 100 स्टारशिप्स प्रतिवर्ष बनाने से 10 वर्षों में 1,000 या 100 मेगाटन प्रतिवर्ष या एक लाख व्यक्ति पृथ्वी-मंगल की प्रति परिक्रमा पर पहुंचेंगे। यह आदान-प्रदान प्रति दो वर्षों में एक बार होगा, जब पृथ्वी और मंगल सबसे करीब होंगे।
मानवों को मंगल ग्रह पर पहुंचाने के लिए स्पेस एक्स बना रहा स्टारशिप
मस्क के अनुसार, स्पेस एक्स का लक्ष्य 2050 तक 10 लाख लोगों को मंगल ग्रह भेजना है। स्पेस एक्स ने पिछले साल सितंबर में नासा से मंगल ग्रह पर संभावित लेंडिंग साइट्स प्रदान करने का आग्रह किया था। स्पेस एक्स स्टारशिप (बीएफआर के नाम से प्रचलित) बना रहा है, जो मानवों को मंगल ग्रह पर पहुंचाने के लिए बनाया गया रीयूजेबल (दोबारा उपयोग करने योग्य) वाहन है।
Starship orbital vehicle SN1, liquid oxygen header tank & nosecone pic.twitter.com/IaSEdIyZgP
— Elon Musk (@elonmusk) January 16, 2020
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