Saturday, December 26, 2020

एलुमिनियम और सोलर सेक्टर में अगले साल उतरेगी कोल इंडिया, कोल सेक्टर में चुनौतियां बने रहने के अनुमान के चलते फैसला

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मुंबई। कोल सेक्टर की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अब एलुमिनियम और सोलर सेक्टर में प्रवेश करने जा रही है। दुनिया भर में इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से कोयले की मांग में पिछले साल की तुलना में 5 फीसदी की गिरावट आई है। अगले साल भी इस  सेक्टर में चुनौतियां बने रहने का अनुमान है। इस वजह से कोल इंडिया ने अगले साल 2021 में गैर-कोयला क्षेत्र में प्रवेश करने का फैसला लिया है। वहीं कोल इंडिया ने एक बिलियन टन (100 करोड़ टन) कोयला के उत्पादन का भी लक्ष्य निर्धारित किया है।

कोल इंडिया के सेक्रेटरी अनिल कुमार जैन ने कहा कि कोल माइनिंग के अलावा अन्य सेक्टर में निवेश किया जाएगा ताकि फॉसिल फ्यूल से ट्रांजिशन हो सके। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि  कंपनी ने 2023-24 तक 100 करोड़ टन (एक बिलियन) कोल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी ने 2.5 लाख करोड़ की निवेश योजना तैयार किया है जिसमें से कुछ राशि को क्लीन कोल टेक्नोलॉजीज और डाइवर्सिफिकेशन पर खर्च किया जाएगा और शेष राशि कोल प्रोडक्शन बढ़ाने पर।

बता दें कि कोल इंडिया विश्व की सबसे बड़ी कोल माइनर है। घरेलू कोयला उत्पादन में उसकी 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने शेयर बजार को दी सूचना में कहा, 'कोल इंडिया के निदेशक मंडल की बैठक में एलुमिनियम और सोलर क्षेत्र में जाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। निदेशक मंडल ने विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) के गठन को भी मंजूरी दे दी है। 

बीते दिनों खबर आई थी कि कंपनी एनटीपीसी के साथ मिलकर देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर को डेवलप करने के लिए सेट अप किया है। इसके लिए इसने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ एग्रीमेंट किया है। इसके जरिए 1 हजार मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। 



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Coal India set to diversify into non-coal mining areas in 2021
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