Sunday, February 2, 2020

रोमांचित नहीं, बल्कि आशावादी है मध्य वर्ग

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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आम बजट के बाद आईएएनएस/सी-वोटर के सर्वेक्षण के निष्कर्षो से संकेत मिलता है कि किसान समर्थक होने के नाते, निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किया गया केंद्रीय बजट मध्यम वर्ग की कल्पना को पकड़ने में विफल रहा है।

इस सर्वेक्षण ने आम बजट को लेकर अर्थव्यवस्था और रोजगार पर लोगों की राय व धारणा को मापने के उद्देश्य से लोगों लोगों से प्रश्न किए गए।

सी-वोटर के डॉ. यशवंत देशमुख ने आईएएनएस से कहा, लोग डर रहे हैं कि मासिक खर्च बढ़ेगा। बचत कम, खर्च ज्यादा। कमोबेश लोग संतुष्ट हैं।

आम बजट में किए गए किसान-समर्थक पहल पर देश में रोजगार बढ़ाने की क्षमता पर उत्तरदाताओं की मंजूरी 10.7 के निम्न स्तर से लेकर 44.1 के उच्च स्तर तक रही।

अर्थव्यवस्था में सुधार होगा इसको लेकर 31.8 प्रतिशत लोग आशावादी हैं। दिलचस्प बात यह है कि आम बजट को 27.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने गरीब समर्थक, 24.9 प्रतिशत ने पूंजीवादी समर्थक और 20.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने मध्यम वर्ग समर्थक बताया।

वर्ष 2030 तक देश को टीबी की बीमारी से मुक्त करने की सरकार की योजनाओं का 79.9 प्रतिशत लोगों ने स्वागत किया है।

यह सर्वेक्षण शनिवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट पेश किए जाने के तुरंत बाद सभी क्षेत्रों के 1200 उत्तरदाताओं से मिली प्रतिकिया पर आधारित है।



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Not thrilled, but optimistic middle class
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